News: हाल ही में आ रही खबरों के अनुसार आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक पर नकेल कस दी है। बता दें कि एचडीएफसी बैंक ने आदित्य पुरी के उत्तराधिकारी के तौर पर 2 लोगों के नाम आरबीआई के पास भेजे थे, लेकिन आरबीआई ने अपना कोई भी फैसला सुनाने से अभी मना कर दिया है, तथा अपना यह फैसला टाल दिया है।
अधिक जानकारी के लिए बता दें कि गत वर्ष नवंबर महीने में एचडीएफसी बैंक के बोर्ड ने एडिशनल डायरेक्टर के लिए शशिधर जगदिशन और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के लिए भावेश झावेरी के नाम आरबीआई को भेजे थे। आरबीआई से कहा गया था कि वह इन दोनों नामों के लिए मंजूरी दे, लेकिन इन अहम पदों की नियुक्तियों के लिए आरबीआई ने अपना फैसला टाल दिया है। आरबीआई का कहना है कि नए MD और नए CEO के पद संभालने के बाद ही इनकी समीक्षा की जाए तथा उसके पश्चात ही हमारे पास प्रस्ताव भेजे।
7 अप्रैल को आये आरबीआई के जवाब पर एचडीएफसी बैंक में अपना यह बयान दिया है कि आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक को यह सलाह दी है कि इस साल के अंत तक बैंक के नए MD और CEO के पद ग्रहण करने के बाद ही एडिशनल डायरेक्टर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पदों के लिए नियुक्तियों की समीक्षा करें व तत्पश्चात आरबीआई के पास प्रस्ताव भेजे।
बैंक ने कहा है कि शशिधर जगदिशन और भावेश झावेरी एनुअल जनरल मीटिंग की घोषणा तक बैंक के बोर्ड में रहेंगे, लेकिन एडिशनल डायरेक्टर के तौर पर ही बने रहेंगे। लेकिन सूत्रों से पता चल रहा है कि अगर आरबीआई ने सीईओ पद के लिए झावेरी या फिर जगदीषण की नियुक्ति कर दी तो यह बैंक के लिए बहुत ही मुश्किल का काम हो जाएगा।
इस मामले में अगर देखा जाए तो आरबीआई जो कह रही है वह सही है। बता दें कि भावेश झावेरी इस समय आईटी और कैश मैनेजमेंट के ग्रुप के हेड है। वहीं दूसरी ओर शशिधर जगदीषण को बैंकिंग सेक्टर में काफी अच्छा अनुभव है। इसके साथ ही शशिधर जगदीशन ने बैंकिंग सेक्टर में 29 साल काम किया है। वो मौजूदा समय में फाइनेंस, एच. आर., लीगल, एडमिनिस्ट्रेशन, इन्फास्ट्रक्चर के ग्रुप हेड हैं।
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