News: शुक्रवार को एशियन डेवलपमेंट बैंक के प्रेसिडेंट मसात्सुगू असाकावा (Masatsugu Asakawa) ने भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को विश्वास दिलाया कि एडीबी भारत को कोरोना वायरस से निपटने के लिए मदद करेगा। एडीबी के प्रेसिडेंट ने आश्वस्त किया कि वह भारत को 2.2 अरब डॉलर (16500 करोड़ रुपए) का सपोर्ट पैकेज देंगे।
एशियन डेवलपमेंट बैंक के प्रेसिडेंट मसात्सुगू असाकावा (Masatsugu Asakawa) ने भारत की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत सरकार ने सही समय पर सही निर्णय लिए और कोरोना वायरस को फैलने से रोक कर रखा। जानकारी के लिए बता दें कि भारत सरकार ने कोरोना वायरस से जंग में काफी प्रयास किए हैं। सरकार ने इस महामारी से जंग जीतने के लिए नेशनल हेल्थ इमरजेंसी प्रोग्राम, कारोबारियों और उद्यमियों के लिए टैक्स में कमी करके बहुत ही प्रशंसनीय कदम उठाए हैं। 26 मार्च को सरकार ने लॉक डाउन की वजह से शिकार हुए देश के गरीब, मजदूरों को तुरंत आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से लगभग 23 अरब डॉलर के आर्थिक पैकेज की भी घोषणा की।
ADB के प्रेसिडेंट का यह भी कहना है कि एडीबी भारत की आपात जरूरतों को पूरा करने के लिए सदैव तैयार है। उनका कहना है कि भारत की हेल्थ सर्विसेज को और ज्यादा मजबूत बनाने के लिए तथा गरीबों, श्रमिकों स्मॉल एंड मीडियम साइज इंडस्ट्रीज और फाइनैंशल सेक्टर पर जो कोरोनावायरस की मार पड़ी है उससे भी निपटने के लिए भारत को सपोर्ट पैकेज देने के लिए तैयार है। उन्होंने भारत को सपोर्ट पैकेज के रूप में 2.2 अरब डॉलर देने की घोषणा की है।
ADB ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि वह प्राइवेट सेक्टर के साथ भी काम कर रहा है जिससे कि कोरोना वायरस की वजह से हुए नुकसान की भरपाई कर सके तथा वित्तीय जरूरतों को पूरा कर सके। ADB के प्रेसिडेंट ने अपने बयान में कहा कि आगे आने वाले समय में अगर भारत को जरूरत पड़ी तो एडीबी आगे भी भारत की सहायता करेगा। और भारत की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी तरह के वित्तीय विकल्पों पर विचार किया जाएगा, जिसमें आपात सहायता, पॉलिसी बेस्ड लोन और एडीबी के फंड के जल्दी डिसबर्समेंट के लिए बजटीय सपोर्ट भी शामिल है।

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