कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से देश पर आए संकट को सरकार पूर्ण रूप से निपटने की कोशिश में लगी है। देश में लॉक डाउन के चलते किसानों, गरीबों और मजदूरों पर बहुत बड़ा संकट आया है। इसके चलते गुरुवार को दिन में 2:30 बजे फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज की घोषणा की। हाल ही में 2 दिन पहले छोटी कंपनियों के लिए कंप्लायंस से जुड़े नियम कायदों में फाइनेंस मिनिस्टर ने कुछ ढील दी थी। और आज उन्होंने करीब 1.70 लाख करोड़ रुपए का प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज पेश किया है।
अप्रैल के पहले हफ्ते में अन्नदाता पैकेज के तहत ₹2000 की पहली किस्त गरीब किसानों के खातों में डाल दी जाएगी। तथा अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस पैकेज के माध्यम से देश के 8.70 करोड़ किसानों को इसका फायदा मिलेगा। वहीं दूसरी ओर मनरेगा से जुड़े किसानों की मजदूरी में इजाफा करने का भी फैसला लिया है। पहले मनरेगा में काम कर रहे किसानों को मजदूरी के रूप में ₹182 मिलते थे इसे बढ़ाकर ₹202 करने का फैसला लिया गया है। फाइनेंस मिनिस्टर ने यह भी बताया कि लोकल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट social distancing का ध्यान रखते हुए मजदूरों को काम करने की अनुमति दे सकते है।
प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने इस पैकेज की 5 ख़ास बातों के बारे में जानकारी दी। जानिए फाइनेंस मिनिस्टर की पैकेज की पांच अहम बातें।
1. देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों का इलाज कर रहे सभी डॉक्टर और नर्सों के लिए सरकार ने ₹50 लाख का इंश्योरेंस करने का फैसला लिया है।
2. अगले 3 महीनों तक प्रधानमंत्री अन्य योजना के तहत 5 किलो चावल या गेहूं प्रत्येक व्यक्ति को मिलेंगे। इसके साथ ही प्रत्येक घर को अगले 3 महीने तक 1 किलो दाल मिलती रहेगी। और यह भी एलान किया गया है कि यह दाल इलाकों के लोगों के पसंद के अनुसार मिलेगी। पूरे देश में 63 लाख सेल्फ हेल्प ग्रुप है। पहले बिना किसी गिरवी के यह सेल्फ हेल्प ग्रुप ₹10 लाख तक का लोन ले सकते थे लेकिन अब इसे बढ़ाकर 20 लाख रुपए करने का फैसला लिया है।
3. फाइनेंस मिनिस्टर ने ऐलान किया है कि विधवा, दिव्यांग एवं गरीब वृद्ध लोगों के खाते में सरकार सीधे पैसे ट्रांसफर करेगी और यह भी निश्चित किया जाएगा कि उनका पैसा बीच में कोई ना ले सकें। जिन महिलाओं के लिए के पास जनधन खाता है उन्हें अगले 3 महीने तक उनके खाते में पांच ₹500 दिए जाएंगे।
4. अगले 3 महीने तक उज्जवला स्कीम के तहत देश के 8.3 करोड़ गरीब परिवारों को फ्री सिलेंडर दिया जाएगा जिससे कि उन्हें गैस से लेकर कोई परेशानी ना हो।
5. ऑर्गनाइज्ड सेक्टर के लिए भी पैकेज में बड़े फैसले लिए गए हैं। अगले 3 महीने तक केंद्र सरकार कंपनी और कर्मचारियों की तरफ से 12 फ़ीसदी + 12 फ़ीसदी ईपीएफओ में जमा करेगी। लेकिन यह मदद कुछ चुनिंदा कंपनियों के लिए ही है जिनके पास 100 से कम कर्मचारी हैं और जिस कंपनी के 90 फ़ीसदी कर्मचारियों की सैलरी 15000 से कम है।
EPF योजना के रेगुलेशन में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। अब से EPFO में जमा कुल राशि का 75 फ़ीसदी या 3 महीने तक की सैलरी के बराबर रकम निकाली जा सकती है।

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