News: मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने अपनी एक नई योजना बनाई है जिसमें कि वह नई शिक्षा नीति (एनईपी) को कैबिनेट के समक्ष जल्दी पेश करने वाला है। अभी के लिए देखा जाए तो इस समय मंत्रालय अपनी नई शिक्षा नीति को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। यह जानकारी मंत्रालय के ही एक सीनियर अधिकारी ने दी है। उनका कहना है कि जब मंत्रालय नई शिक्षा नीति को पूर्ण रूप दे देगा तब वह इसे कैबिनेट को पास करेगा।
मंत्रालय के ही अधिकारी ने यह भी बताया कि नया एकेडमिक सेशन जुलाई-अगस्त में प्रारंभ होने वाला है। और हमारी यही कोशिश है कि नई शिक्षा नीति को इस सेशन से पहले लाया जाए। बता दें कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस नई शिक्षा नीति की समीक्षा 1 मई को की गई थी।
अधिकारी का यह भी कहना है कि अभी संसद में संस्कृत विश्वविद्यालय बिल पर भी काफी चर्चा हुई थी। इस चर्चा में सांसदों ने भी अपने अपने सुझाव रखे थे तथा इसके अलावा और भी बातचीत हुई थी। हमारे मंत्रालय ने दक्षिण भारत के सभी सांसदों समेत अन्य सांसदों के सुझाव पर भी गौर करने का आश्वासन दिया है। अब जैसे ही नई शिक्षा नीति को पूर्ण रूप दिया जाएगा उसके बाद इसे कैबिनेट के समक्ष लाया जाएगा।
अधिक जानकारी के लिए बता दें कि इसरो के चीफ के. कस्तूरीरंगन अलग-अलग स्पेशलिस्ट की एक समिति का नेतृत्व कर रहे है जो की शिक्षा नीति का ढांचा त्यार करने में जुटी हुई है।
अधिक जानकारी के लिए बता दें कि इसरो के चीफ के. कस्तूरीरंगन अलग-अलग स्पेशलिस्ट की एक समिति का नेतृत्व कर रहे है जो की शिक्षा नीति का ढांचा त्यार करने में जुटी हुई है।
देश के कुछ राज्यों जैसे कि महाराष्ट्र तमिलनाडु सहित अन्य राज्य के लोगों ने आरोप लगाया है कि नई शिक्षा नीति गैर-हिंदी भाषी राज्यों पर जबरदस्ती हिंदी थोपे जाने का प्रयास कर रही है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने नई शिक्षा नीति का ढांचा तैयार करते वक़्त लोगों की इन सभी बातों का भी पूरा ध्यान रखा है।

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