News: विश्व भर में कोरोना वायरस की महामारी ने हर एक देश के लिए मुसीबतें खड़ी कर दी है। तो दूसरी ओर तेल उत्पादन करने वाले देशों और रसिया के बीच ऑयल प्राइस वॉर की वजह से भी स्थिति खराब हो गई है। लेकिन अभी-अभी आ रही खबरों के अनुसार OPEC यानी कि ऑर्गेनाइजेशन ऑफ द पैट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज और रसिया के बीच एक ऐतिहासिक डील हुई है और दोनों के बीच समझौता हो गया है। उनकी इस बातचीत में मेक्सिको ने निरंतर प्रोडक्शन कम करने पर ही अपनी सहमति दिखाई। और इसी के साथ ओपेक देशों में राजीनामा हो गया है कि वह हर दिन 1 करोड़ बैरल ऑयल का प्रोडक्शन कम करेंगे। अभी ओपेक ने इस पर किसी प्रकार की कोई घोषणा नहीं करी है लेकिन उस समूह के ही देशों ने यह जानकारी दी है। अभी मोटे तौर पर सिर्फ यह कहा जा सकता है कि 1 मई से हर दिन से 97 लाख बैरल तेल के उत्पादन में कमी की जाएगी।
सोमवार को जब इस खबर के बाद सब जगह बाजार खुला तो ग्लोबल बेंच मार्क ब्रेंट के दामों में प्रति बैरल $1 तक की तेजी देखी गई। ब्रेंट 3.9 फीसदी बढ़कर 32.72 डॉलर प्रति बैरल और US ग्रेड वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 6.1 फीसदी ऊपर 24.15 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।
क्या खास है इस डील में?
यह डील केवल महत्वपूर्ण ही नहीं बल्कि एक तरह से ऐतिहासिक डील है क्योंकि यह जो समझौता हुआ है सिर्फ OPEC देशों में ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे बड़े सप्लायर अमेरिका के साथ साथ जी-20 देशों के बीच हुआ है। जिन्होंने तेल के उत्पादन में कमी करने कि इस डील पर अपनी सहमति दे दी है।
इस समझौते की जानकारी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तथा कुवैत के ऊर्जा मंत्री डॉक्टर खालिद अली मोहम्मद-अल-फयाद ने ट्वीट करके दी है। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री और रशिया की सरकारी एजेंसी टास ने 12 अप्रैल को इस बात की जानकारी दी।
क्रूड ऑयल की डिमांड में कमी आने से बढ़ी थी मुश्किल
हर तरफ कोरोना वायरस के संक्रमण ने अफरा-तफरी मचा रखी है। लगभग हर देश में यह संक्रमण चल रहा है और इसके चलते हर देश में लॉक डाउन किया जा रहा है। लॉक डाउन करना ही एक उपाय है लेकिन इसकी वजह से भी काफी मुश्किलें बढ़ रही हैं। लॉक डाउन की वजह से ट्रांसपोर्टेशन व लोगों के आने-जाने पर पाबंदी लगी है जिस वजह से विश्व भर में क्रूड ऑयल की डिमांड में जबरदस्त कमी आई है।
इस वर्ष मार्च महीने में ऑयल प्राइस कम होकर 18 साल के निचले स्तर पर आ गया था। लेकिन तब भी ओपेक देशों में तेल के उत्पादन को कम करने पर सहमति नहीं बनी थी। उस समय रशिया और सऊदी अरब किसी प्रकार का कोई समझौता करना नहीं चाहते थे। लेकिन 2 अप्रैल को जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात के संकेत दिए कि वे इस पर मंजूरी देना चाहते हैं तब जाकर क्रूड के दामों में तेजी लौटी थी।
अब तक मिली जानकारी के अनुसार यह डील हुई है कि 1 मई से जितनी तेल की सप्लाई हो रही है उसका करीब 10 फ़ीसदी यानी कि लगभग एक करोड़ बैरल क्रूड ऑयल का उत्पादन कम होगा। और इसी के साथ ओपेक देशों के अलावा जो देश हैं जैसे कि अमेरिका, कनाडा, ब्राजील, नॉर्वे, वे हर दिन 50 लाख बैरल तक का तेल उत्पादन कम करेंगे। जुलाई से दिसंबर के बीच ओपेक देश इस कटौती में कमी लाएंगे और इसे 80 लाख बैरल करेंगे। इसके बाद 2021 के जनवरी महीने से लेकर अप्रैल 2022 तक इस कटौती को 60 लाख बैरल तक कर सकते हैं।

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