News: नई दिल्ली, 20 अप्रैल: प्रत्येक वर्ष की तरह 21 अप्रैल को सिविल सेवा दिवस के रूप में मनाया गया। इस दिन प्रशासनिक सेवाओं में अपनी सेवाएं दे रहे सभी सिविल सेवक ने खुद को याद दिलाया कि वे लोगों के हित के लिए काम करेंगे। 21 अप्रैल को यानी कि सिविल सेवा दिवस पर "पीएम अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन" दिया गया। इस अवार्ड के लिए देशभर के सभी जिलों के प्रशासनिक अफसरों ने भाग लिया। इसमें सभी अफसर व्यक्तिगत रूप से एवं ग्रुप और आर्गेनाईजेशन के रूप में भी भाग लिया।
इस अवसर पर केंद्र एवं राज्य सरकार के सभी अवसरों को प्रशासनिक सेवा में उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया गया। "पीएम अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन" तीन कैटेगरी में बांटा गया। सम्मान की इन तीन कैटेगरी के तहत 2006 से यह स्कीम लागू कई की गई थी, जिसमें कि अफसर व्यक्तिगत रूप से एवं ग्रुप और आर्गेनाईजेशन के रूप में सम्मानित होने के लिए योग्य हैं।
"पीएम अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन" व्यक्तिगत रूप की केटेगरी में एक तथा ग्रुप एवं आर्गेनाईजेशन की केटेगरी में दो-दो अवार्ड दिए गए इस अवार्ड के रूप में एक मेडल, स्क्रोल एवं 1 लाख की कैश राशि शामिल है। एवं ग्रुप एवं ऑर्गेनाइजेशन के लिए कैश राशि 5 लाख है।
21 अप्रैल को गणतंत्र भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने इस दिन दिल्ली के मेटकाफ हाउस में प्रशासनिक सेवा दे रहे सभी अधिकारियों के परिवीक्षको को संबोधित किया था। इसी को याद करते हुए 21 अप्रैल को सिविल सर्विसेज डे मनाया जाता है। सरदार पटेल ने अपने संबोधन में सिविल सेवकों को "स्टील फ्रेम ऑफ इंडिया" नाम से संबोधित किया था। बता दें कि पहला सिविल सेवा दिवस समारोह 2006 में नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया गया था।

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