News: हाल ही में आ रही खबरों के अनुसार पता चला है कि महाराष्ट्र के ग्रीन जोन में आने वाली इंडस्ट्री को जल्द ही मैन्युफैक्चरिंग के लिए हरी झंडी मिल सकती है। लेकिन बताया जा रहा है कि इंडस्ट्रीज को सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना होगा एवं किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
CNN News18 से मिली खबरों के मुताबिक सूत्रों से पता चला है कि महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने एक बैठक में राज्य को सुरक्षा की दृष्टि से ग्रीन, ऑरेंज और रेड ज़ोन में बांटा है। उन्होंने राज्य को मात्र 2 दिनों में इलाकों में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या के अनुसार इलाकों को बांटा है। केवल मुंबई और पुणे की इंडस्ट्रीज को छोड़कर पूरे महाराष्ट्र में इंडस्ट्रीज का कार्य शुरू करने की मंजूरी दी है। क्योंकि महाराष्ट्र में मुंबई और पुणे में कोरोना मरीज ज्यादा है।
एक रिपोर्ट में कुछ दिन पहले ऐसा सुझाव दिया जा रहा था कि केंद्र सरकार पूरे देश को कोरोना वायरस के पॉजिटिव मरीजों की संख्या को बेस मानकर इस प्रकार का वर्गीकरण करेगी। ताकि जहां भी मरीजों की संख्या कम है वहां कुछ आवश्यक एवं सीमित सेवाओं और कार्यों को शुरू करने की मंजूरी दी जा सके।
कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉक डाउन के कारण भारत की सभी इंडस्ट्रीज को अच्छा खासा नुकसान भुगतना पड़ रहा है। भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर लॉक डाउन की वजह से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने 24 मार्च को देशभर में 21 दिन का लॉक डाउन घोषित किया था। ताकि कोरोना संक्रमण की चेन को फैलने से रोका जा सके। यह लॉक डाउन 14 अप्रैल यानी कि आज समाप्त हो रहा है परंतु देश के कुछ राज्यों में स्थितियां गंभीर होने की वजह से वहां पहले ही लॉक डाउन के समय को बढ़ा दिया गया है। और संभावना जताई जा रही है कि सरकार देश भर में इस लड्ढा उनको बढ़ाएगी।
इसी के चलते उद्धव ठाकरे जो कि महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री हैं उन्होंने लाइव वेबकास्ट के माध्यम से राज्य को अपने प्लान के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस लॉक डाउन के बढ़े हुए समय में राज्य में कुछ जगहों पर सख्ती बरती जाएगी। लेकिन कुछ इलाकों में पाबंदी में कुछ राहत दी जाएगी। जानकारी के लिए बता दें कि महाराष्ट्र में अब तक कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 2,000 से अधिक हो गई है।

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