नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। शुक्रवार को देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने ऐलान किया है कि वह ब्याज दरों में 0.75% कटौती करेगा। जानकारी के लिए बता दे की आरबीआई यानी कि भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को ही अपने रेपो रेट में जबरदस्त कटौती करने का फैसला लिया है। आरबीआई ने अपनी रेपो रेट में 0.75% की कटौती करने का ऐलान किया था। आरबीआई के इस घोषणा के बाद ही एसबीआई ने लोन लेने वाले ग्राहकों को इसका पूरा फायदा देने का ऐलान किया।
शुक्रवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कहा है कि उसने EBR यानी कि एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड लेंडिंग रेट के साथ ही RLLR यानी कि रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट में आधार अंक 75 रखते हुए यानी की 0.75% की कटौती करने का फैसला लिया है। एसबीआई कि यह ब्याज दरें आने वाली 1 अप्रैल 2020 से प्रभाव में आएंगी।
एसबीआई ने यह भी निश्चित किया कि 1 अप्रैल 2020 से एक्सटर्नल बेंच मार्क लेंगे लेंडिंग रेट (EBR) में कटौती करके 7.80% सालाना से घटके 7.05% सालाना होने वाली है। वहीं दूसरी ओर रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) 7.40 फीसद सालाना से घटकर 6.65 फीसद हो जाएगा। इसका सीधा प्रभाव यह पड़ेगा कि होम लोन (30 साल के समय वाला) की ईएमआई प्रति लाख 52 रुपये तक घट जाएगी। जिससे लोन तो सस्ता होगा है साथ ही ईएमआई का बोझ भी कम हो जाएगा।
SBI ने टर्म डिपॉजिट की जमा दरों में भी की कटौती
शुक्रवार को एसबीआई ने अपने टर्म डिपॉजिट की जो जमा दरें थी उसमें भी कुछ बदलाव किए हैं। इन बदलाव का कारण था कि सिस्टम में पर्याप्त नकदी और मौद्रिक नीती में अतिरिक्त लिक्विडिटी की व्यवस्था के उपाय के रूप में यह कदम उठाया गया था। अगर हम खुदरा टर्म डिपॉजिट की रेट अवधि को देखें तो उसके अनुसार 0.20 से 0.50 फीसद तक घटाए गए हैं। वहीं दूसरी ओर, बल्क टर्म डिपॉजिट की जो जमा दरें है उनको भी 0.50% से लेकर लगभग 1% तक घटाया गया है। इन नई जमा दरों को 28 मार्च 2020 से प्रभाव में लाया जाएगा।
एसबीआई बैंक के ALCO की मीटिंग में MCLR पर 20 अप्रैल को फैसला लिया जाएगा। RBI के नीतिगत उपायों और बैंक की जमा दरों में कटौती का प्रभाव MCLR की आने वाली अगली समीक्षा में देखा जाएगा।

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